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बुरे दौर को ताकत बनाने वाला खिलाड़ी

Posted On: 12 Dec, 2013 Others,Sports and Cricket में

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एक समय था जब सचिन तेंदुलकर और विरेंद्र सहवाग की तरह युवराज सिंह के खेल को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठते थे. मैदान पर आते ही लोगों को विश्वास हो जाता था कि युवराज एक बार फिर गेंदबाजों पर बरसने वाले हैं लेकिन युवराज के हाल के प्रदर्शन पर यदि नजर ड़ाले तो लोगों में कहीं न कहीं रोमांच कम हुआ है. जिस शॉर्ट पिच और उछाल लेती गेंदों को वह बाउन्डरी के बाहर पहुंचा देते थे वैसी गेंद पर आज कल वह जूझते नजर आ रहे हैं.


yuvraj singhवर्तमान में खेली जा रही साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है. घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के खिलाफ उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है. सात वनडे मैचों की इस सीरीज में खेले गए पांच मुकाबलों की तीन पारियों में महज 19 रन बनाए. भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सात वनडे मैचों की सीरीज के दो मुकाबले बारिश की भेंट चढ़ गए थे. इस सीरीज में कंगारूओं ने शॉट पिच गेंद को हथियार बनाया और युवराज सिंह को पिच पर टिकने नहीं दिया. वहीं वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में उन्होंने कुल 99 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है. इस मैच में भी युवराज सिंह शॉट पिच गेंद के खिलाफ संघर्ष करते दिखाई दिए.



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युवराज कर सकते हैं वापसी

भले ही युवराज का प्रदर्शन इस समय संतोषजनक नहीं है, लेकिन सबको मालूम है कि जब भी वह वापसी करते हैं तो आलोचकों का मुंह अपने आप बंद हो जाता है.  दो साल पहले 2011 विश्व कप में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से विरोधियों के दांत खट्टे करने के बाद जब हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह अमेरिका में फेफड़े के कैंसर का इलाज करने गए तब भी लोगों ने यही सोचा था कि वह टीम में वापसी नहीं कर पाएंगे लेकिन उन्होंने न केवल शानदार तरीके से वापसी की बल्कि उन लोगों के प्रेरणा स्रोत भी बने जो इस तरह के गंभीर बिमारी से जुझ रहे हैं.  युवराज की खासियत है कि वह अपने बुरे दौर को ही अपनी ताकत बनाते हैं.


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किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक रूप से वह समय काफी पीड़ादायक होता है जब वह बीमार होता है. अपनी बीमारी के समय भी युवराज सिंह की यही स्थिति थी. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बीमरियों से लड़ते हुए भारतीय क्रिकेट टीम में दोबारा जगह बनाई. युवराज सिंह जब कैंसर से पीड़ित थे उस दौरान उन्होंने लांस आर्मस्ट्रांग की आत्मकथा पढ़ी और उनसे प्रेरणा ली. लांस आर्मस्ट्रांग भी कैंसर से पीडि़त थे. भारत के हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह को लेकर आज भी उनके फैंस में काफी क्रेज रहता है. आज भले ही वह शानदार बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हो लेकिन उनके फैंस को उम्मीद है कि वह जल्द ही लय में दिखेंगे.


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